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करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये.......

AchchiKhabar.Com: करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये.......

Tuesday 11 January 2011

करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये.......


करोड़पति बनना है तो नौकरी छोडिये....... 

चलिए, पहले एक छोटी से exercise करते हैं. आप अपने शहर के किन्ही पांच करोड़पतियों की list मन में सोचिये.....please इस step को miss मत कीजिये , सोचिये ज़रूर !!!  

अब बताइये इस लिस्ट में क्या कोई ऐसा भी है जो नौकरी पेशा है? मेरी लिस्ट में तो नहीं है,मेरे दिमाग में जो नाम आये वो मै आपको बताना चाहूँगा. मैं Gorakhpur  का रहने वाला हूँ और ये लोग वहीँ के हैं:
  • चेतना मसाले वाले Uncle,
  •  डॉ. अग्रवाल, जिनका खुद का Hospital है
  • Mr. Jalan-  सरिया वाले
  • मेरेcolony के एक uncle जिनके Engineering College चलते हैं , और
  • बरनवाल Uncle , जिनके यहाँ से हम लोग Jewelery  खरीदते हैं.
इन सभी में एक बात common   है. लोग इनके यहाँ नौकरी करते हैं पर ये किसी के यहाँ नौकरी नहीं करते.ये सभी उद्यमी हैं, Entrepreneurs हैं, Businessmen  हैं पर employee  नहीं हैं. 
 
मैंने कुछ दोस्तों से भी ये प्रश्न किया उनकी सूची में भी किसी नौकरी करने वाले का नाम नहीं था. अब ये बात और है की आप दिमाग पे जोर डालेंगे तो कुछ ऐसे लोग मिल जायेंगे पर इनमे से ज्यादातर के बाल या तो सफ़ेद हो चुके होंगे या फिर पूरी फसल ही साफ़ हो चुकी होगी.अगर बाल सफ़ेद करा कर Crorepati बनाना है तो नौकरी  बुरी नहीं है..तीन-चार  promotion  और  15- 20 साल  में Crorepati बन ही जायेंगे... पर ऐसे बने तो बच्चों के लिए बनेंगे अपने लिए नहीं...और मज़ा तो अपने लिए बनने में है....क्यों? और अगर अपने लिए Crorepati बनना है तो खुद बनना होगा एक Entrepreneur.


यहाँ एक बात कहना चाहूँगा कुछ लोग ज्यादा पैसा कमाने कि इच्छा रखने वालों को उतनी  respect  से नहीं देखते हैं, पर मुझे लगता  है कि इस मंहगाई को देखकर उनके विचार में भी बदलाव आ चुका होगा....कितना कमाना  ज्यादा कमाना है इसकी परिभाषा बड़ी तेजी से बदल रही है...मेरी नज़र मैं ज्यादा पैसे कमाने कि इच्छा रखना एक अच्छी बात है..  बशर्ते उसे कमाने के लिए गलत काम न किये जाएँ. और शायद इस article  को भी वही लोग पढ़ रहे होंगे जो ऐसी इच्छा रखते होंगे वरना article  का title  पढ़ने के बाद ही वो किसी और topic  पर चले गए होते.चलिए अब आते हैं main मुद्दे पर :


पर नौकरी छोडें कैसे???


सवाल बिलकुल ठीक है. पर उससे भी बड़ा एक सवाल है:, नौकरी छोड़ी तो करेंगे क्या ? अगर आपके मन में ये दूसरा सवाल आ रहा है तो उसका मेरे पास कोई जवाब नहीं है. क्योंकि ये तो आपके अंदर से आने वाली  आवाजा है कि आप क्या करना चाहते हैं . और यदि यह नहीं आ रही है तो अभी आप इस तरह के  step  के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं...पर ये बात पक्की है कि यदि आप चाहें तो समय के साथ खुद को तैयार कर सकते हैं.


पर यदि आप उनमे से हैं जिनका कोई सपना है ,जो कुछ बड़ा, कुछ महान , कुछ अपना  करना चाहते हैं तो आपको पहले प्रश्न के बारे में सोचना ही होगा. क्योंकि अगर आप अभी नहीं सोचेंगे तो आगे आपके लिए ये सोचना और भी मुश्किल हो सकता है:भविष्य में
  • आपकी जिम्मेदारियां बढ़  जायेंगी यानी आपकी risk  लेने की क्षमता घट जायेगी.
  • हो सकता ही आपकी  salary  बढ़ जाए और आप खुद को समझा लें. कि चल भाई पैसे आ तो रहे हैं...अब और क्या चाहिए.
कुछ लोग सोच सकते हैं कि lecture देना आसान है पर करना बहुत मुश्किल है. बात सच है ,पर ये भी सच है कि ये करना मुश्किल ज़रूर है पर असंभव नहीं. 

अगर Dheerubhai Ambani ने petrol pump की नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज  Reliance  जैसी company होती? अगर Narayan Murthy ने Patni Computers की अपनी नौकरी नहीं छोड़ी होती तो क्या आज Infosys का कोई वजूद होता?Amitabh Bachchan  ने भी पहले  Shaw Wallace और बाद में Bird & Co, नमक एक  shipping firm में काम किया, अगर उन्होंने भी अपने दिल कि आवाज़ नहीं सुनी होती तो भला भारत को कहाँ मिलता इतना बड़ा महानायक?

ये बहुत बड़े-बड़े उदाहरण हैं, जिन्हें हम सब जानते हैं पर यकीन जानिए कि ऐसी हजारों success stories  हैं, जहाँ पर लोगों ने अपनी सोच को हकीकत में बदल कर दिखाया है...गांव की गलियों से निकल कर शहर की बुलंदियों को अपना बनया है. खुद बने हैं Crorepati और कईयों को लखपति बनाया है.  

पर अभी भी हमारा जो पहला सवाल था कि पर नौकरी छोडें कैसे?? वो वहीँ का वहीँ बना हुआ है. कहने की बात नहीं है कि ये एक एक बहुत ही बड़ा step  है, और बस यूँहीं नहीं लिया जा सकता है. इस क्रांतिकारी कदम को वही उठा सकता है जिसके मन में कुछ अपना करने की तीव्र इच्छा हो और वो अपने plan  को execute करने के लिए बहुत ज्यादा passionate हो. जिनके अंदर वाकई में कुछ कर गुजरने की दीवानगी होती है, वो इधर-उधर की बातें ज्यादा नहीं सोचते और बस लग जाते हैं अपने प्रयासों में. 

पर हम मे से ज्यादातर लोग (including me) कुछ करना तो चाहते हैं, पर हमारे अंदर एक डर सा लगा होता है कि कहीं हम fail  हो गए तो जो है वो भी चला जायेगा. ये डर वाजिब भी है. इसीलिए मेरी समझ से एक बीच का रास्ता निकालना अच्छा साबित हो सकता है , जैसे कि कोई Side-Business शुरू कर के. ये एक पुराना अजमाया हुआ तरीका है, जो आपने अपने आस-पास देखा भी होगा. Office timing के बाद और छुट्टी के दिनों में लोग अपने साइडी-बिजनेस को करते हैं और जब धीरे-धीरे बिजनेस ट्रैक पर आ जाता है तो अपनी नौकरी छोड़ कर पूरा समय business  में लगाते हैं. एक छोटा सा उदहारण देना चाहूँगा जो मैंने Rashmi Bansal जी की Connect The Dots book में पढ़ा था. 

N Mahadevan के अंदर एक Hotelier बनने की चाहत थी पर भाग्य ने उन्हें एक Professor  बना दिया था, पर उन्होंने ने भाग्य के इस फैसले को चुनौती दी और Madras University  में अपनी Professor कि prestigiuos job  छोड़ कर उन्होंने multi-million dollar Food Empire खड़ा कर दिया. 

सुबह 9 बजे से शाम को 4:30 बजे तक पढाने के बाद इन्होने काम समझने के लिए एक और  जॉब पकड़ ली, वो रोजाना शाम 6 से रात 12 बजे तक एक hotel में duty  करने लगे .जब काम समझ आ गया और कुछ पैसे इकठ्ठा हो गए तो उन्होंने खुद का एक Chinese resturant शुरू कर दिया.आज उनके restaurants 16 देशों में हैं ,जिनमे कुल 3000 employee  काम करते हैं. इन्होने खुद तो MBA  नहीं किया है पर IIM-Ahmedabad से pass-out बंदे को busineess सँभालने के लिए रखा हुआ है.

मेरा plan :

शायद आप जानते होंगे कि मैं भी अभी job कर रहा हूँ, और मैंने भी अपने लिए एक रास्ता चुना है, जो मैं आपको बताना चाहूँगा, हो सकता है आपके लिए भी इसमें से कुछ idea  निकल आये.

मेरा idea , दर-असल मेरा और मेरी wife Padmaja  का idea है . शादी से पहले वो job करती थी, पर हमने decide किया कि शादी के बाद  husaband और wife दोनों का  job करना एक बेवकूफी  है. क्योंकि ऐसा करके हम हर महीने अपनी income में 10-20 हज़ार रुपये extra तो जोड़ सकते हैं पर Crorepati नहीं बन सकते. इसलिए उसने job  छोड़ दी.अब आगे कुछ करना था.  

चूँकि शुरू  से ही उसका मन beauty related  चीजों में ज्यादा लगता था इसलिए हमने decide  किया कि हम अपने home-town Gorakhpur  में एक बहुत ही standard beauty parlour खोलेंगे, और धीरे-धीरे इसकी branches आस-पास और UP  के अन्य शहरों में खोलेंगे. वो parlour कि अंदरूनी चीजों का ध्यान रखेगी और मैं promotional activities और expansion के लिए काम करूँगा .खुशी की बात ये है कि हमने इस प्लान को  execute करने की शुरुआत भी कर दी  है.पहला step  इस business को करीब से समझने का था , इसीलिए फिलहाल Padmaja  VLCC से Beauty से related एक formal certification course  कर रही है और part time एक जान-पहचान के parlour में practice करके अपनी skills  को और भी निखार रही है. इसके बाद कुछ चीजें और करनी होंगी और हमारा plan implement हो जायेगा. अब इसमें हमें सफलता मिलेगी या नहीं ये हम नहीं जानते...पर अगर हमने try भी नहीं किया तो ये बिना match  खेले ही हार मान लेना होगा. और हमें तो जीतना है.

मेरे कुछ दोस्तों ने भी ऐसा ही कुछ किया है, मेरे friend Vaibhav Srivastava ने job करते हुए एक tution center की franchisee ली है और कुछ partners की मदद से उसे profitable  बनाने में लगा हुआ है. मेरे एक अन्य मित्र Rahul Sahay ने भी Reliance Life Insurance में काम करते हुए कुछ दोस्तों साथ मिलकर एक Vocational Training Centre, NIPS और एक शानदार restautrant खोल लिया है.

बहुत सारे लोग बहुत सारी ideas के साथ अपने-अपने सपनो को साकार करने में लगे हुए है, और कर रहे हैं,हम इंसानों में यही तो खास बात है ,हम जो सपने देखते हैं उन्हें साकार भी कर सकते हैं.

अंत में यही कहना चाहूँगा कि कोई risk ना लेना ही जिंदगी का सबसे बड़ा risk हैऔर ये risk  आप नहीं उठा सकते इसलिए अपने दिल की आवाज़ सुनिए और अपने सपनो को साकार कीजिये.All the best !                
Updated on 21-07-11

Padmaja  ने अपना course (Diploma in Cosmetology) complete  कर लिया है. और सबसे बड़ी बात है कि उन्हें VLCC,  में बतौर Beautician job  भी मिल गयी है :). यानी हम अपने plan  के मुताबिक बिलकुल सही जा रहे हैं.
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28 Comments:

At Tuesday, January 11, 2011 , Blogger प्रवीण पाण्डेय said...

अपने व्यवसाय में अधिक पैसा है पर हर नौकरी छोड़ने वाला सफल नहीं है।

 
At Tuesday, January 11, 2011 , Blogger deepak saini said...

गजब की सोच है आपकी,
विचार किया जायेगा,
अच्छा लेखन

 
At Tuesday, January 11, 2011 , Blogger माधव( Madhav) said...

not agreed

 
At Tuesday, January 11, 2011 , Blogger "पलाश" said...

वैसे व्यव्साय करने का एक और लाभ भी है कि कई लोगो को रोजगार भी मिल जाता है ।

 
At Wednesday, January 12, 2011 , Blogger सुशील बाकलीवाल said...

नौकरी करने वाले प्रायः व्यवसाय में उतरने की रिस्क उठाने से अक्सर बचते ही दिखते हैं ।
पिछली मुलाकात में नेट बन्द हो जाने से मैं आपका ब्लाग फालो नहीं कर पाया था अब कर रहा हूँ । देरी के लिये क्षमा...
मेरा दूसरा ब्लाग जिन्दगी के रंग भी आपके सहयोग की प्रतिक्षा कर रहा है । धन्यवाद...
http://jindagikerang.blogspot.com/

 
At Wednesday, January 12, 2011 , Blogger सतीश सक्सेना said...

अच्छा लिख रहे हैं ....शुभकामनायें

 
At Thursday, January 13, 2011 , Blogger : केवल राम : said...

यह तो व्यक्ति की सोच पर निर्भर करता है कि वो क्या चाहता है ..और व्यक्ति को जिन्दगी में हमेशा अभिरुचि को तरजीह देनी चाहिए ..चाहे व्यवसाय हो या ..नौकरी ..दोनों का मूल मंतव्य जिन्दगी कि गाडी को चलाना है ..शुक्रिया आपका

 
At Thursday, January 13, 2011 , Blogger Gopal Mishra said...

Thanks for your comments. Just wanted to make one thing clear that it depends on the individual what he wants to do with his life and one may or may not want to earn a lot of money...it's perfectly fine..,however, this write-up is addressed to those who really want to become a millionaire but are having some fear and are hesitant to take that FIRST BIG STEP.

 
At Thursday, January 13, 2011 , Blogger दीप्ति शर्मा said...

bahut achha
laga padhkar....
...
kabhi yaha bhi aaye
www.deepti09sharma.blogspot.com

 
At Thursday, January 13, 2011 , Blogger Dr Varsha Singh said...

हम जो सपने देखते हैं उन्हें साकार भी कर सकते हैं.....
लेख बहुत अच्छा है। विचारणीय है।
बधाई।

 
At Thursday, January 13, 2011 , Blogger रचना दीक्षित said...

सराहनीय प्रस्तुति आपकी पूरी पोस्ट और सारे कमेन्ट पढ़े बहुत अच्छी चर्चा लगी. अब ये बात अलग है की सबकी अपनी अपनी दलीलें हैं

 
At Friday, January 14, 2011 , Blogger boletobindas said...

ये तो है सपने देखो तो उसे सकार करने की कोशिश में जुट जाओ....मार्ग तो सुलभ होने ही लगता है..बस उत्साह और प्रयासों में कमी नहीं आने देनी चाहिए......ये तो हमने प्रयास करने के बाद सीखा है....हां करोड़पति बनने के सपने को सकार करने की दिशा में हाल फिलहाल ही सोचा है....और कसम करोड़ोपतियों की ईमानदारी से होकर दिखाएंगे करोड़पति.......साल- दो साल रुक जाइए....रास्ता बन चुका होगा और हम रफ्तार पर होंगे...

 
At Friday, January 14, 2011 , Blogger सुशील बाकलीवाल said...

श्री गोपालजी,
उम्मीद के मुताबिक मेरा दूसरा ब्लाग जिन्दगी के रंग आपके सहयोग की प्रतिक्षा कर रहा है ।
कृपया इसे फालो कर अपना समर्थन अवश्य प्रदान करें । धन्यवाद...
http://jindagikerang.blogspot.com/

 
At Friday, January 14, 2011 , Blogger CS Devendra K Sharma "Man without Brain" said...

good idea.....lage rahooo

 
At Friday, January 14, 2011 , Blogger Kunwar Kusumesh said...

बढ़िया लेखन .

 
At Saturday, January 15, 2011 , Blogger डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

Idea aur Idea dene ka dhang dono umda hain...... Vyvsaay me safalta ke liye shubhkamnayen.....

 
At Sunday, January 16, 2011 , Blogger संजय भास्कर said...

bahut achha
laga padhkar....

 
At Sunday, January 16, 2011 , Blogger shikha said...

very inspirational and useful article for those who r in dilemma that what to choose. i am also an emloyee and earning a good sum of money by the grace of god.kayi logon ka ye manana hai ki ye apne interest aur satisfaction ki baat hai ki wo naukri karna chahte hain ya business to main ye batana chahungi ki duniyan ki kisi bhi achchi se achchi firm mein naukri kar ke chahe hum kitne bhi paise kama len par rahe to hum naukar hi malik to nahin ban gaye.........doing service means to be a servant. and i am quite confident that no body wants to be a servant with own interest. one can call it a matter of interest because one is not capable enough to take the above mentioned step.......

 
At Sunday, January 16, 2011 , Blogger rohit SAHAI said...

I have really been shuttling between my thoughts of moving to business or continue with job.Well your this article further substantiate my constructed sphere of action for being an Entrepreneurs.

 
At Wednesday, April 27, 2011 , Blogger Surendrashukla" Bhramar" said...

your tips some how is o.k. but according to their situation one have to think so many things during this early stage wat will he eat ? if he is having any responsibilities like marriage of daughter or sister education of kith and kins ,and he do not have any other sorces of bread and butter , can so easily he may be ablt to quit the job .
any way we wish u all the succsses -aapke baad kuchh log anusaran karenge
surendra kumar shukla bhramar5

 
At Wednesday, April 27, 2011 , Blogger Gopal Mishra said...

Surendra ji , Thanks for your comments.

 
At Sunday, May 08, 2011 , Anonymous jd singh said...

www.pragyatrust.org

 
At Monday, May 09, 2011 , Anonymous AMIT said...

AMIT DUNIA ME SOCH SE PEHLE AO SOCH KE A BAD KARNE
ME AHUT ANTER HAI PER KABI BHI KARNA SABSE BADI
HIMAT HA KHAS KARKE APNE LIYE

 
At Friday, July 08, 2011 , Anonymous Anonymous said...

jaha chah waha rah

 
At Tuesday, August 02, 2011 , Blogger MUJAHID HUSAIN said...

APNI SOCH BADHA LENA HI BAHUT BADI UPLABDHI HAI...

BAHUT BAHUT SHUBH KAMNAYE...

 
At Monday, August 15, 2011 , Anonymous Anonymous said...

karna to bahot kuch hay lekin kabhi kabhi man vichalit ho jata hay uska kay?

 
At Wednesday, August 17, 2011 , Anonymous Anonymous said...

thank u sir very much u r the person i was searching for.thanx for inspiring me

 
At Thursday, August 25, 2011 , Anonymous Anonymous said...

very good suggetion i want to transport business
but i am facing to accumulate the capital
thanks

 

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