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World's youngest CEO सुहास गोपीनाथ

AchchiKhabar.Com: World's youngest CEO सुहास गोपीनाथ

Sunday 5 December 2010

World's youngest CEO सुहास गोपीनाथ


आज AchchiKhabar.Com पे हम आपको मिलवायेंगे दुनिया के YOUNGEST CEO से . CEO (Chief Executive Officer) यानि किसी company का सबसे प्रमुख अधिकारी ,कहने की बात नहीं है कि यह एक बहुत ही जिम्मेदारी भरा पद है. और इस पद तक पहुचते-पहुँचते बाल सफ़ेद हो जाते हैं.

जब पहली बार मेरे मन में ये सवाल आया कि भला दुनिया का सबसे कम उम्र वाला CEO कौन होगा , तो मैंने सोचा जरूर ये कोई American होगा, जिसने बीच में ही अपनी पढाई छोड़ कर किसी गराज से कोई IT  कंपनी शुरी की होगी . कोई Bill Gates, Steve Jobs types.  पर मेरे लिए ये एक बेहद सुखद आश्चर्य था कि Worlds Youngest CEO कोई और नहीं बल्कि एक भारतीय है.



यह Post थोड़ी लंबी  है. लगभग २२५० शब्दों की, इसलिए यदि आप चाहें तो AchchiKhabar.Com को Bookmark या Favourites में list कर लें . ताकि यदि आप एक बार में पूरी post  न पढ़ पायें तो आसानी से फिर इस पेज पर आ सकें. वैसे Google में AchchiKhabar.Com search  करने पर भी आप दुबारा इस Page  पर आ सकते हैं.


तो आइये हम आपको मिलवाते हैं दुनिया के youngest CEO, Mr. Suhas Gopinath ( सुहास गोपीनाथ) से.
                                                                  Suhas Gopinath

आज से करीब दस-बारह साल पहले जब सुहास ने Globals Inc की foundation डाली थी तो वो महज चौदह वर्ष के थे,और तब उन्हें खुद ही नहीं पता था कि वो दुनिया के सबसे कम उम्र के CEO बन गए हैं. और ये काम उन्होंने किसी आलिशान office  में बैठ के नहीं बल्कि Banglore के एक छोटे से Cyber-Cafe में बैठ कर किया था. 

आज Globals Inc  एक multi-million dollar company है और इसके operations USA, UK, Spain, Australia, इत्यादि देशों में फैले हुए हैं.  मात्र पच्चीस वर्ष की अवस्था में, जब जादातर लोग अपनी पढाई पूरी करने में ही लगे होते हैं; तभी Suhas Gopinath ने  अनेकों उपलब्धियां हांसिल कर रखी है
  • वो World Bank की ICT Advisory Council के BOARD MEMBER हैं
  • साल 2007 में उन्हें European Parliament and International Association for Human Values ने Young Achiever Award से सम्मानित किया.
  • World Economic Forum. ने उन्हें 'Young Global Leaders' for 2008-09 के सम्मान से भी नवाजा.
è   वो World Economic Forum हे अब तक के सबसे young member भी हैं.

क्या बात है!!!

आइये उन्ही की जुबान से जानते हैं उनकी कहानी:

सुहस का बचपन:

मैं एक माध्यम-वर्गीय परिवार से belong करता हूँ . मेरे पिता Indian Army में बतौर Scientist काम करते थे. और में Banglore के Airforce School में पढता था. बचपन में मेरा interest animal और vetrinary science में था . लेकिन जब मैंने अपने दोस्तों जिनके पास PC था; को कंप्यूटर के बारे में बात करते सुनता था तो मेरे अंदर भी एक चाहत उत्पन्न हुई की मैं भी उनकी तरह बात करू.
उस वक्त हमारे घर पे computer नहीं था और न ही हम उसे afford कर सकते थे. इसलिए मैंने अपने घर के नजदीक ही एक Internet Cafe  find किया, तब मुझे हर महीने सिर्फ 15 रूपए बतौर pocket money मिलते थे, इतने पैसों में रोज internet नहीं surf  किया जा सकता था. लेकिन मैंने इस दूकान के बारे में एक चीज notice की थी, ये हर रोज दोपहर में 1 बजे से  4 बजे तक बंद रहती थी. मैंने दुकानदारको एक  offer दिया कि school  के बाद 1 बजे से  4 बजे तक मैं आपकी दूकान खोलूँगा और customers  का ध्यान रखूंगा. बदले में आप मुझे free में net surf करने देंगे. ये मेरी life की पहली business deal थी, और ये काफी सफल साबित हुई.

Website बनाने की दीवानगी :
    
अब मेरे पास कंप्यूटर और Internet दोनों था ..धीरे-धीरे मैंने website बनाना शुरू कर दिया. और कुछ ही समय में ये मेरा passion बन गया. Internet  पे  कुछ freelance marketplace  होते हैं जहाँ मैं एक website-builder  के रूप में register हो गया. मुझे पहली वेबसाइट free of cost  बनानी पड़ी क्योंकि मेरे पास references  नहीं थे. ये New York  के एक कंपनी की वेबसाइट थी. मेरी पहली कमी $100 की थी जो मुझे एक अन्य website बनाने पे मिली, तब मैं 13 वर्ष का था. चूँकि मेरा कोई bank account नहीं था इसलिए मैंने अपने पापा को इस बारे में बताया.
मैं पैसे को ले के जरा भी excited  नहीं था. क्योंकि मई ये काम पैसे के लिए नहीं, अपने passion  के लिए करता था. मैं free में भी वेबसाइट बनाता था, तब मैं नौवीं कक्षा का ही छात्र था. उसके बाद मैंने coolhindustan.com नाम का एक पोर्टल बनाया. जो NRIs  पे focussed था. मैं इस पोर्टल के माध्यम से अपनी skills  दिखाना चाहता था.  उसके बाद तो कई कम्पनिया मुझे अपना web-designer  बनाने के लिए approach करने लगीं.             

जब अपना पहला computer खरीदा:  
 
जब मैं 9th class  में था तभी मैंने computer खरीदने के लिहाज से काफी पैसे जमा कर लिये थे. उस समय मेरा भाई Engineering कर रहा था , पापा ने सोचा उसे कंप्यूटर की ज़रूरत है और उसके लिए कंप्यूटर खरीद दिया, कुछ ही समय में मैंने भी एक कंप्यूटर खरीद लिया. पर मेरे घर पे net-connection  नहीं था. Net-cafe में जादा समय देने से मेरी पढाई भी प्रभावित हुई. मैंने 9th के बाद अपनी सारी summer vacation cafe में काम करते हुए बिताई. 

जब US से job-offer मिला :

जब मैं चौदह साल का था तब US की एक कंपनी Network Solutions से मुझे part - time job का offer मिला, वो US में मेरी education भी sponsor करने को तैयार थे . पर मैंने वो offer reject कर दिया क्योंकि उसी दौरान मैंने Bill Gates के बारे में पढ़ा था किउन्होंने कैसे Microsoft कि शुरुआत की थी.
मैंने सोचा अपनी कंपनी शुरू करने में जादा मजा है. US की कई कंपनियां मुझसे कहती थीं कि मेरी तो मूंछ भी नहीं है और वो मेरी services लेने में insecure feel करती हैं. वो मेरी ability को मेरी उम्र और qualification से जोड़कर देखती थीं.इसलिए मैंने अपनी कंपनी शुरू करने कि सोची ताकि मैं दुनिया को दिखा सकूं कि age और academic qualification मायने नहीं रखते हैं. मैंने निश्चय किया कि जब मैं अपनी कंपनी  start  करूँगा तो मैं सिर्फ youngesters  को लूँगा और उनसे उनकी academic qualification या marks के बारे में नहीं पूछूँगा. आज मैं इस चीज को अपनी कंपनी में  follow  करता हूँ.

जब चौदह साल की उम्र में अपनी company start की :

Class 9th की छुट्टियाँ खतम होने के कुछ दिन बाद ही मैंने अपनी कंपनी Globals Inc.  की शुरुआत की. मैं कंपनी का नाम Global या Global Solutions रखना चाहता था, पर दोनों ही नाम available नहीं थे, इसलिए मैंने Globals  नाम रख लिया.  
मैंने अपनी  कंपनी US में  register कराइ क्योंकि India में आप 18 वर्ष से कम उम्र में कंपनी नहीं दाल सकते. US में कंपनी शुरू करने में बस 15 minute लगते हैं. मैं company  का owner और CEO बन गया, मेरा एक दोस्त जो अमेरिका की एक University का छात्र था board member बन गया. मैं काफी excited था क्योंकि यही तो मैं करना चाहता था. उस दिन से मैं अपनी कंपनी को Microsoft  के जितना बड़ा बनाने का ख्वाब देखेने लगा.
पहले साल में Globals Inc का turn-over Rs. 1 lac  था ,जो दुसरे साल में बढ़कर Rs. 5 Lac हो गया.

  
 स्कूल में अच्छा ना करने पर: 

अपने pre-board CBSE exam में मैं Mathematics में fail हो गया. स्कूल की हेड-मिस्ट्रेस shocked हो गयीं,क्योंकि पहली बार मैं किसी subject में fail हुआ था. उन्होंने मेरी माँ को बुलाया और मेरी शिकायत की. घर पे माँ ने मुझसे कसम ली की मैं पढाई पे ध्यान दूँगा. मैंने अपनी माँ से कहा कि जब  दुनिया के सबसे अमीर आदमी , Bill Gates ने अपनी पढाई पूरी नहीं की तो आप मुझे पढाई के लिए force  क्यों करती हैं? तब उन्होंने कहा कि मैं sure हूँ कि तुम्हारी और उसकी कुंडली एक जैसी नहीं हैं.
मैं एक ऐसे परिवार से हूँ जहाँ entrepreneurship को पाप समझा जाता है. मेरी माँ काफी upset थीं , वो चाहती थीं कि मैं पहले Engineering और फिर MBA  करके किसी अच्छी कंपनी में काम करूं. अपनी माँ कि इच्छाओं का ख़याल रखते हुए मैंने चार महीने तक अपनी कंपनी के लिए कोई काम नहीं किया और board exams की तयारी में जुट गया . मैंने परीक्षाएं first class में पास की.
 मैं अभी भी feel करता हूँ कि सिर्फ bookish knowledge से कुछ नहीं होता , practical knowledge  बहुत जरूरी है.

Europe बतौर एक Market:

जब मैं 16-17 साल का था तब तक मैंने अपनी कंपनी के बारे मैं घर मैं किसी को कुछ नहीं बताया था, वो येही समझते थे कि मैं एक freelancer हूँ . हम लोग वेबसाइट बनाना online-shopping , e-commerce  से रेलातेद काम करते थे . कभी कभी हम US  में part-time programmers को भी काम देते थे, पर अभी तक हमारा कोई ऑफिस नहीं था. जब मैं सोलह साल का था तब मैंने महसूस किया कि Europe में काफी opportunities हैं क्योंकि जादातर भारतीय IT companies  US पे ही focus कर रहीं थीं. जब मैंने Spain कि एक  कंपनी को contact किया तब उन्होंनेहमारे साथ ये कहते हुए काम करें से मन कर दिया कि Indians को Spanish नहीं आती.
एक entrepreneur rejection नहीं स्वीकार कर सकता खासतौर पे जब वो young हो. मैंने Spanish Universities  से पांच interns  को hire किया और उन्हें उनके successful sales  के हिसाब से pay करने को कहा. इन लोगों ने हमारी कंपनी के लिए projects लाये . तब मैंने decide किया कि Spain में हमारा एक office होना चाहिए.ठीक ऐसा ही मैंने Italy में भी किया.

जब Germany में Entrepreneurship पर बात करने गए : 

American news-paper और BBC मेरे बारे में काफी कुछ बता रहे थे Worlds youngest CEO at 14 from a middle class background”  मैंने कभी lime-light में आने के बारे में नहीं सोचा था, मेरे लिए तो एक कंपनी स्टार्ट करना मेरे passion का हिस्सा था. ये सब देख कर Germany के एक  B-School  ने मुझे entrepreneurship पर अपने स्टुडेंट्स से बात करने के लिए invite किया. तब मैं 17 साल का था , मैंने अपनी बारहवीं कि पढाई पूरी कर ली थी और बेंगलुरु के एक Engineering College में दाखिला ले लिया था. जब मैं 18 साल का था तब मैंने अपनी कंपनी का European head-quarter, Bonn में  set-up   कर दिया.
इस तरह से हमने एक छोटे से Internet Cafe से एक multi-national company तक का सफर तय किया जिसके operations आज  Europe, Middle East, the US, Canada, the UK, Australia,आदि जगहों पर फैले हुए हैं.

                                                           Suhas with Bill Gates

जब 18 साल में भारत में कंपनी register की :
जिस दिन मैं अठारह साल का हुआ उसी दिन मैंने अपनी  कंपनी को भारत में Globals  नाम से register कर लिया और चार लोगों को recruit  कर लिया. मैंने अपना ऑफिस उसी cafe के बगल में खोला जहाँ से मैंने अपने career  की शुरुआत की थी. अब तक वो cafe बंद हो चूका था और उसका मालिक किसी फैक्ट्री में काम करने कागा था. वो जब ही मुझे मिलता मई उससे येही कहता कि आपने  मुझे तो entrepreneur बना दिया पर खुद एक नौकरी कर ली

 कंपनी को एक Products company बनाने पर:

हम अपनी कंपनी को एक products company  भी बनाना चाहते थे और हमारा focus education पर था. हमने एक ऐसा software बनाया है जो बच्चे के स्कूल में दाखिले से लेकर उसके निकलने तक उसकी सारी जानकारी रखे.हम इस छेत्र में market leader बनाना चाहते हैं.  आज हमारा ये सॉफ्टवेर India, Singapore और Middle-East के सौ से जादा विद्यालयों में use हो रहा है.  

जब Ex-President डा. अब्दुल कलाम से मुलाक़ात हुई:
                                                             Suhas with  Dr. APJ Abdul Kalam
जब मैं Dr, Abdul Kalam से मिला तब वो भारत के राष्ट्रपति थे. तब मैं 17-18 साल का था . वो meeting 15 min की होनी थी लेकिन हमारा conversation इतना intense  था कि हमारी मुलाक़ात देढ घंटे तक चली. मुझे लगा ही नहीं कि मैं President of India  से बात कर रहा हूँ. हम लोगों ने दो दोस्तों की तरह बात की. वो पहले टेबल की दूसरी ओर बैठे थे ,फिर बाद में मेरी बगल में आ के बैठ गए.यह मेरे लिए एक बड़ा ही यादगार और अच्छा  learning experience था.

  
2005 में World Bank का board-member बनने पर:

 अपनी parents की इच्छानुसार मैंने engineering में दाखिला तो ले लिया पर Bill Gates की तरह  उसे complete नहीं कर पाया. जब मैं 5th Semester था, तब World Bank  ने मुझे उनकी board meeting attend करने    
 के लिए invite  किया. उस board में मैं ही एक Indian था . इसका objective था कि emerging economies में किस तरह ICT का प्रयोग करके quality of education को  improve किया जाय. Mr. Robert Zoellick , the President of World Bank  सिर्फ Americans को बोर्ड में नहीं चाहते थे, वो और भी देशों से members चाहते थे. और चूँकि वो education पे focus  कर रहे थे इसलिए  वो young minds  को इसमें include  करना चाहते थे.
मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं कभी Worls Bank का Board Member  बनूँगा. ये मेरी जिंदगी का सबसे unforgettable momnet था.Gमुझे direct  Robert B Zoellick को report करना था. CEO of Cisco, VP of Microsoft ,CEO of SAP, etc भी इस बोर्ड के मेम्बर थे.

  अपनी कंपनी के  future पर :

मैंने हमेशा येही माना है कि IT  महज एक technology  नहीं है बल्कि  problems solve करने का एक tool है. और मैं येही इस company  में करना चाहता हूँ . मैं चाहता हूँ कि Globals, educations से related software solutions provide  करने में market-leader हो.
जब मैं छोटा था तब मैं पैसों के बारे में जादा care नहीं करता था , लेकिन अब मैं अपने employees  के लिए उत्तरदायी हूँ  , अगर मैं पैसों के बारे में न सोचूं तो हम scale-up नहीं कर पायेंगे. जब मैंने बेंगलुरु  के एक cafe से कंपनी  शुरू कि थी तब मैंने सोचा भी नहीं था कि एक दिन ये  multi-million dollar कंपनी बन जायेगी . मेरा driving force  मेरा passion है और अभी तक का सफर काफी amazing रहा है.

AchchiKhabar.Com wishes Suhas a life full of achievements. May this son of India fulfil all his dreams and bring a revolutionary improvement in field of education through his software solutions.

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14 Comments:

At Tuesday, December 07, 2010 , Blogger Patali-The-Village said...

सुहास गोपीनाथ जी को हमरि तरफ से बधाई और शुभकामनाएँ|

 
At Monday, December 27, 2010 , Blogger Padmaja said...

bahut hi prernatmak article hai. Thanks

 
At Thursday, February 03, 2011 , Anonymous Anonymous said...

Thanks to post this wonderful article. Keep it up

 
At Saturday, July 02, 2011 , Anonymous Anonymous said...

Suhas has achieved great heights by following his passion and thinking beyond stereo type. Keep inspiring

 
At Thursday, July 07, 2011 , Anonymous Anonymous said...

i m also want to become like u but not a CEO,as a honourable IAS.'success is like a beautiful girl,it will leave us at any time,but failure is like a mother, it will teach us some important lesson of life....................thanks.

 
At Thursday, July 07, 2011 , Anonymous Anonymous said...

i m SANJAYSAGARJAIN.

 
At Friday, July 29, 2011 , Anonymous Anonymous said...

It is amazing life of Suhas to inspir by all youngstar.

 
At Sunday, July 31, 2011 , Blogger R.S Chandel said...

excellent............amazing ..i would like to work this company

 
At Monday, August 01, 2011 , Blogger अशोक कुमार शुक्ला said...

Thanks gopal ji for this wonderful article

 
At Monday, August 01, 2011 , Blogger संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत अच्छी जानकारी मिली ..

 
At Wednesday, August 03, 2011 , Blogger MUJAHID HUSAIN said...

YEH HUM SAB K LIYE 1 MOTIVATION HAI..
THANX....

 
At Tuesday, August 09, 2011 , Anonymous priyanka yadav said...

lot of congratulation sir!
if u read this comment.
then i wann a ques. can i join ur company?
plz bring the vaccancy for job.

 
At Thursday, August 18, 2011 , Anonymous Anonymous said...

thank dear friend thank u so much when i totally broken in my business that time i will never think negetive just try to be something and i think you are a best person for motivation for my life thank thank thank a lot..........
.

 
At Thursday, August 18, 2011 , Blogger Surya Mohan Rai said...

Indian icon Suhas gopinath

 

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